Tuesday 15 September 2015

कौन मरा ?


मशहूर डायलॉग है-

जो डर गया समझो मर गया।

भारत में यह डायलॉग बहुत कामयाब हुआ, घर-घर में बच्चे इसे बोलते दिखाई दिये।

यह बात अलग है कि यहां बच्चा पैदा होते ही उसके साथ किए जानेवाले कुछ शुरुआती कामों में से एक ज़रुरी काम यह होता है कि बच्चे को कई चीज़ों से डराया जाता है, सबसे ज़्यादा भगवान से डराया जाता है।

ऐसे डरे हुए बच्चे जीते होंगे या डरते होंगे या कि बस .......

और आप ही तो गली-गली कहते फिरते हैं-

जो डर गया समझो मर गया।

-संजय ग्रोवर
15-09-2015

Labels : Moving Dead Bodies , Child-Victimization , Terror Of God , Forced Virtue , Dead-Live

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